राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। जिसे भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र के लिए काला अध्याय करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि संसद में विपक्ष ने जो किया, उससे उसकी महिला विरोधी मानसिकता उजागर हुई है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात बताया है। इसे लेकर देश समेत मध्य प्रदेश में भी सियासत जोरों पर है। आइए एक नजर डालते है एमपी विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में बीजेपी-कांग्रेस की टिकट वितरण और दलीय स्थिति पर…
लोकसभा 2024
- लोकसभा की सभी 29 सीट पर बीजेपी का कब्जा।
- 2024 में बीजेपी ने 29 में से 6 महिलाओं को टिकट दिया, सभी 6 महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
- 2024 में कांग्रेस ने 29 सीटों में से सिर्फ एक सीट रीवा से नीलम अभय मिश्रा को टिकट दिया, लेकिन वो जीत नहीं सकीं।
राज्यसभा
- मध्य प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों में से 8 पर बीजेपी, जबकि तीन पर कांग्रेस काबिज है।
- बीजेपी के 8 राज्यसभा सांसदों में तीन महिलाएं हैं।
- कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों में एक भी महिला नहीं है।
विधानसभा 2023
- 2023 में विधानसभा की 230 सीटों में से बीजेपी ने 163, जबकि कांग्रेस ने 66 पर जीत दर्ज की। एक सीट पर बाप पार्टी के प्रत्याशी जीते।
- मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी कांग्रेस ने कुल 56 महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा। इनमें से कुल 27 विधायक चुनी गईं।
- बीजेपी ने 230 सीटों में से सिर्फ 27 सीट पर महिला प्रत्याशियों को उतारा, यानी सिर्फ 11 प्रतिशत महिलाओं को टिकट मिले। 27 में से 21 महिलाएं जीतकर आईं।
- कांग्रेस ने 230 सीटों में से सिर्फ 29 सीट पर महिला प्रत्याशियों को उतारा। यानी सिर्फ 13 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिए। 29 में से सिर्फ 5 महिलाएं जीतकर विधायक बनीं।
मप्र की 52 प्रतिशत पंचायतों में महिलाओं का कब्जा
- ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक 2 लाख 90 हजार 41 निर्वाचित महिला जन प्रतिनिधि है। पंचायती राज व्यवस्था में यह आंकड़ा कुल जनप्रतिनिधियों का 52.84 प्रतिशत है।
- 26 जिला पंचायतों में महिलाएं अध्यक्ष हैं।
- 444 महिलाएं जिला पंचायत सदस्य हैं।
- 179 जनपद अध्यक्ष और 3425 महिलाएं जनपद सदस्य हैं।

