लखनऊ. कानपुर में आयोजि एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान सारी कुर्सियां खाली रहीं. इसे लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि ‘भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95 प्रतिशत आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के खिलाफ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा. उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है. वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं. इन नकारात्मक लोगों ने आजादी से पहले भी देश से गद्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को गुलाम बनानेवालों की गुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ चंद पैसों और वजीफे के लालच में मुखबिरी का तुच्छ काम किया. इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं. न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं. देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है.’

अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति. भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है. भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए. ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का सांप भी खुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है.’

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सपा प्रमुख ने लिखा कि ‘दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है. पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है. आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है. अब वो किस मुंह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे. पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी. भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए खत्म कर दे.’

अखिलेश ने लिखा कि ‘भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहां ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही खत्म कर देंगे. इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आखिरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा. देखना ये है कि ये दगाबाज लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज्यादा विकल्प नहीं होते हैं.’