कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली सप्लाई (Electricity Supply – बिजली आपूर्ति) को और अधिक मजबूत और बाधारहित बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर परचेज कमेटी (High Power Purchase Committee – उच्च स्तरीय खरीद समिति) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल तीन एजेंडे रखे गए, जिनमें से दो को अंतिम मंजूरी देते हुए राज्य की बिजली और औद्योगिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़े फैसले लिए गए।

गैस सर्किट ब्रेकर करने की स्वीकृति
बैठक में हरियाणा बिजली वितरण निगम के 220 केवी (KV – किलोवोल्ट) ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए 41 SF6 (Sulphur Hexafluoride – सल्फर हेक्साफ्लोराइड) गैस सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker – विद्युत सुरक्षा उपकरण) खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन उपकरणों की खरीद लगभग ₹918.4 लाख की लागत से की जाएगी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो और ट्रांसफार्मरों की कार्यक्षमता सुरक्षित बनी रहे।
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को मंजूरी
इसके साथ ही बैठक में हिसार में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (Integrated Manufacturing Cluster – एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर) के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure – आधारभूत ढांचा) तैयार करने और नए औद्योगिक शहरों के विकास हेतु एक सलाहकार (Consultant – परामर्शदाता) की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। यह सलाहकार प्रोग्राम मैनेजर (Program Manager – कार्यक्रम प्रबंधक) के रूप में कार्य करते हुए आगामी तीन वर्षों तक पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा, जिससे हिसार में बनने वाले मैन्युफैक्चरिंग हब का कार्य तेजी से शुरू हो सके और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिले।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपमा, आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, महानिदेशक उद्योग एवं वाणिज्य डॉ. यश गर्ग और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान शामिल थे।

