कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में स्वास्थ्य योजनाओं (Health Schemes – स्वास्थ्य योजनाएं) को और ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat PM-JAY – आयुष्मान भारत योजना) और राज्य की चिरायु योजना (Chirayu Yojana – चिरायु योजना) के तहत क्लेम (Claim – उपचार खर्च का भुगतान) बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMSCL – हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन) और थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (Third Party Administrator – तृतीय पक्ष प्रशासक) को निर्देश दिए गए कि क्लेम प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए। इसके साथ ही डॉ. सुमिता मिश्रा ने साफ कहा कि अब योजनाओं में थर्ड-पार्टी ऑडिट (Third Party Audit – बाहरी जांच) अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी को रोका जा सके।


सरकारी मेडिकल कॉलेजों और पब्लिक हेल्थ संस्थानों पर सरकार का फोकस
सरकार का फोकस खासतौर पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों और पब्लिक हेल्थ संस्थानों (Public Health Institutions – सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान) में क्लेम बढ़ाने पर है। इसके लिए अलग से रणनीति बनाने को कहा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीज इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने किडनी मरीजों के लिए क्रोनिक हीमोडायलिसिस (Chronic Hemodialysis – नियमित डायलिसिस) को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि जिन मरीजों को बार-बार इलाज की जरूरत होती है, उन्हें बिना आर्थिक बोझ के पूरा कवरेज मिल सके।

अब तक निपटाए गए 28 लाख क्लेम
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि हरियाणा में इन दोनों योजनाओं के तहत अब तक करीब 28 लाख क्लेम निपटाए जा चुके हैं और लाभार्थियों को 3,900 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही क्लेम की राशि 1,500 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है, जो यह दर्शाता है कि लोगों में योजनाओं के प्रति जागरूकता और भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

राज्य में 1,363 पैनल अस्पतालों का नेटवर्क सक्रिय
राज्य में इस समय 1,363 पैनल अस्पतालों का नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें 777 निजी और 586 सरकारी अस्पताल शामिल हैं, जिससे प्रदेशभर में लाभार्थियों को कैशलेस (Cashless – बिना नकद भुगतान) इलाज की सुविधा मिल रही है।

खास बात यह है कि हरियाणा ने चिरायु योजना के जरिए राष्ट्रीय आयुष्मान भारत ढांचे से आगे बढ़ते हुए 3 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को भी कवर किया है, जिससे बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा मिला है और अब तक करीब 1.38 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।