परवेज खान, यमुनानगर. हरियाणा के यमुनानगर में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए गुरुवार तड़के बड़ा अभियान चलाया गया। सुबह करीब 4 बजे मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने सड़कों पर उतरकर सघन चेकिंग की।

अचानक हुई इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई चालक रास्ता बदलते नजर आए, जबकि टीम ने मौके पर ही वाहनों की जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अन्य राज्यों से आने वाले खनन सामग्री से लदे वाहन बिना इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) के हरियाणा में प्रवेश कर रहे हैं। नियमों के तहत ऐसे वाहनों के लिए प्रति टन 80 रुपये का ट्रांजिट पास अनिवार्य है, लेकिन कई चालक इसका पालन नहीं कर रहे थे।

इसी इनपुट के आधार पर सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार, जनक राज और बलजिंदर सिंह, आरटीए के एडीटीओ गुरप्रीत सिंह संधू और माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
करीब चार घंटे तक चले अभियान के दौरान 25 वाहनों की जांच की गई। जांच में तीन वाहन ऐसे पाए गए जो बिना ISTP के लाइमस्टोन सहित खनन सामग्री लेकर आ रहे थे और ओवरलोड भी थे। टीम ने तुरंत इन वाहनों को जब्त कर लिया और उन पर भारी जुर्माना लगाया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि वे इंटर स्टेट ट्रांजिट पास बनवाकर ही खनन सामग्री का परिवहन करें और नियमों का पालन करें, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।