गयाजी। जिले में स्थित पुलिस लाइन परिसर उस वक्त अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब यहां स्थित बैटरी गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया। गनीमत रही कि अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से एक बड़े और भयावह हादसे को समय रहते टाल दिया गया, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया।

​विस्फोट का बना था गंभीर खतरा

​घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस गोदाम में आग लगी, वहां भारी संख्या में बैटरियां भंडारित थीं। बैटरियों के भीतर मौजूद ज्वलनशील रसायनों और एसिड के कारण आग तेजी से धधकने लगी थी। दमकल कर्मियों के अनुसार, यदि आग पर नियंत्रण पाने में थोड़ी भी देरी होती, तो गोदाम में श्रृंखलाबद्ध विस्फोट हो सकते थे, जो पूरे पुलिस लाइन परिसर के लिए विनाशकारी साबित होते।

​शॉर्ट सर्किट से भड़की चिंगारी

​मामले की जानकारी मिलते ही अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार साह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। बिजली के तारों में हुए घर्षण से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली के रख-रखाव में जरा सी चूक भी ऐसे घातक परिणाम दे सकती है।

​लाखों का नुकसान और जांच के आदेश

​इस अग्निकांड में गोदाम के भीतर रखीं लाखों रुपये मूल्य की नई और पुरानी बैटरियां जलकर राख हो गई हैं। हालांकि, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आग पूरी तरह बुझा दी गई है और कूलिंग का काम भी पूरा हो चुका है। अब प्रशासन इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित उत्तरदायी व्यक्तियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।