पटना। बिहार की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले पूर्णिया सांसद पप्पू यादव अक्सर अपनी बयानबाजी को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद चौतरफा दबाव और विवाद बढ़ता देख उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
क्या था पूरा मामला?
सांसद पप्पू यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान राजनीति और चुनावी मैदान में महिलाओं की सक्रियता पर टिप्पणी की थी। उनके बयान को कई महिला संगठनों और राजनीतिक विरोधियों ने ‘महिला विरोधी’ और अपमानजनक करार दिया। विवाद तब और गहरा गया जब सोशल मीडिया पर उनके बयान की क्लिप वायरल हुई और लोगों ने उनकी जमकर आलोचना शुरू कर दी।
बढ़ता विरोध और माफी की घोषणा
जैसे ही यह मामला सुर्खियों में आया, पप्पू यादव को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने अपनी सफाई में कहा:
”मेरी बातों का गलत अर्थ निकाला गया, लेकिन अगर मेरे किसी शब्द से देश की आधी आबादी और मातृशक्ति के सम्मान को ठेस पहुंची है, तो मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं। मैं हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण का पक्षधर रहा हूं।”
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और इसे सांसद की संकीर्ण मानसिकता बताया। हालांकि, पप्पू यादव द्वारा तत्काल माफी मांग लिए जाने के बाद मामले को शांत करने की कोशिश की जा रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि वे हमेशा जनता के मुद्दों पर लड़ते हैं और यह बयान केवल एक ‘स्लिप ऑफ टंग’ (जुबान फिसलना) था।
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