सोनीपत पुलिस ने जाल बिछाकर लोगों को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने वाले हनीट्रैप गिरोह की एक महिला समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

संजीव घनगस, सोनीपत। शहर थाना पुलिस ने एक पीड़ित व्यक्ति की गुप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में सक्रिय हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। यह शातिर गिरोह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर दुष्कर्म के झूठे अदालती मामलों में नामजद करने की सीधी धमकी देता था और फिर मामला दबाने के एवज में उनसे लाखों रुपये की मोटी रकम वसूल करता था। पुलिस ने शिकायतकर्ता के सहयोग से योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और कोर्ट परिसर के पास वसूली के रुपये लेते हुए एक महिला सहित कुल पांच मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मौके पर ही 25 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।

बीयर पार्टी के बाद दी धमकी

शहर थाना पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत में मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के फतेहपुर निवासी पीड़ित इंतजार ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से सोनीपत के मोहन नगर में रहकर ट्रैक्टर ड्राइवर की नौकरी करता है। पीड़ित के मुताबिक, कुछ समय पहले उसे प्रिंका नाम की एक युवती का मोबाइल नंबर मिला था, जिससे उसकी बातचीत शुरू हुई। इसके बाद वे दोनों मिले और बीयर पीने के बाद युवती की आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बने, जिसके लिए उसने 2500 रुपये भी लिए थे। लेकिन इस घटना के ठीक दो दिन बाद प्रिंका और उसकी साथी सीता उर्फ मडो ने व्हाट्सएप कॉल कर पीड़ित पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी दी और मामला रफा-दफा करने के लिए सीधे 20 लाख रुपये की बड़ी रकम मांगी।

पुलिस ने बिछाया जाल, दबोचे आरोपी

पीड़ित ड्राइवर द्वारा इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताने पर गिरोह की सदस्य पूनम, जो खुद को कथित डॉक्टरनी बताती है, ने समझौता कराने का झांसा दिया। इस गिरोह में दिनेश नामक एक वकील भी शामिल था, जो लगातार रुपयों के लिए दबाव बना रहा था। तंग आकर पीड़ित ने पुलिस की कोर्ट परिसर चौकी में शिकायत दी, जिसके बाद 25 जून को जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रुपयों का बैग सौंपा, पुलिस ने घेराबंदी कर सीता उर्फ मडो, सपना, पूनम उर्फ डॉक्टरनी और दिनेश को रंगे हाथों दबोच लिया। जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र कुमार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और गिरोह के अन्य शिकार बने लोगों का पता लगाया जा रहा है।