हरिद्वार. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हरिद्वार प्रवास पर हैं. शनिवार को उन्होंने यहां 200 साधु संतों को गौ रक्षा की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य चतुरंगिणी के अंतर्गत देश में जगह जगह टुकड़ियों का गठन किया जा रहा है. स्वामी ने बताया कि हरिद्वार में हुई साधु संतों की बैठक में शिवम महाराज ने आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़ा बनाकर शंकराचार्य चतुरंगिणी को समर्पित किया.

नमामि गंगे घाट पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने करीब 200 संतों को गौ रक्षा की शपथ दिलाई. उससे पहले भारतमाता पुरम में साधु संतों की बैठक की गई. जिसमें आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़े की घोषणा की गई थी. गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म के संरक्षण एवं संत समाज के संगठन के उद्देश्य से बनाए गए अखाड़े में कई लोगों को शामिल किया गया.

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पत्रकारों से चर्चा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश में आगामी तीन मई से यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं. 3 मई गोरखपुर से यात्रा की शुरुआत होगी. सभी विधानसभाओं में जाने के बाद 22 जुलाई को गोरखपुर में यात्रा का समापन होगा. 2,18,700 शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना के साथ 24 जुलाई को लखनऊ में सभा भी करेंगे.