कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के प्रमुख व्यापारिक केंद्र मुजफ्फरपुर में पुलिस ने जाली नोटों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। मिठनपुरा थाना पुलिस ने ठगी और नकली मुद्रा के अवैध व्यापार में संलिप्त एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपी की तबीयत बिगड़ने के कारण उसे फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​20 हजार के असली नोट लेकर थमाए 30 हजार के नकली नोट

​यह पूरा मामला जिले के BMP-6 इलाके से शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 45 वर्षीय राम जी महतो के रूप में हुई है, जो समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम (पचरुखी) का रहने वाला है। राम जी महतो ने BMP-6 की निवासी सोनी खातून को झांसे में लेकर उनसे 20 हजार रुपये के असली नोट लिए और बदले में उन्हें 30 हजार रुपये के जाली नोट थमा दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।

​मेडिकल चेकअप में हुआ खुलासा

​गिरफ्तारी के बाद मिठनपुरा थाना पुलिस जब आरोपी राम जी महतो को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी नियमानुसार उसका मेडिकल चेकअप कराया गया। मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी का शुगर लेवल काफी बढ़ गया है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर नवीन चंद्र ने बताया कि मरीज की स्थिति चिंताजनक है। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि शुगर बढ़ने की वजह से उसकी हालत फिलहाल स्थिर नहीं है, इसलिए उसे भर्ती करना अनिवार्य था। डॉक्टर के अनुसार, पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे ‘फिट’ घोषित किया जाएगा, जिसके बाद ही उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।

​पुराना अपराधी है राम जी महतो

​जांच में यह बात भी सामने आई है कि राम जी महतो इस गोरखधंधे का कोई नया खिलाड़ी नहीं है। वह लंबे समय से जाली नोटों के सिंडिकेट से जुड़ा रहा है। वर्ष 2016 में भी उसके खिलाफ समस्तीपुर में नकली नोटों से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। फिलहाल मिठनपुरा थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की निगरानी में आरोपी का इलाज जारी है और स्थिति सामान्य होते ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।