धनेश, रेवाड़ी। एक पूर्व सैनिक के रिश्तेदार यदि उसके घर पहुंचने में विलंब कर देते तो वह अपनी पत्नी के साथ सुसाइड कर लेता। साइबर ठगों ने उसे डिजिटल अरेस्ट कर उससे 1.89 करोड़ रुपए ठग लिए थे। ये रुपये उसने अपनी जीवन भर की पूंजी व गहने बेचकर ठगों के खातों में ट्रांसफर किए।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में धारूहेड़ा के सेक्टर-6 के पूर्व सैनिक राजपाल सिंह ने कहा कि 27 व 28 फरवरी को उसके फोन नंबर पर किसी ने फोन किया। उसने खुद को ट्राई सर्विस अधिकारी बताते हुए कहा कि उसका सिम बंद होने वाला है।
क्योंकि आपकी सिम गलत आईडी से खरीदी गई है और उनके खिलाफ मुम्बई में एफआईआर दर्ज है। आरोपी ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से लोगों को न्यूड फोटो, वीडियो व गलत मैसेज भेजे गए हैं।
इंस्पेक्टर बताकर तरह-तरह से डराया। उन्होंने उसे 27 फरवरी से 20 अप्रैल तक उसे डिजिटल अरेस्ट रखा और केस खत्म करने के नाम पर उससे अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
फौजी ने कहा कि उसने यह राशि अपनी प्रॉपर्टी, दुकान, प्लॉट व गहनों को बेचकर जुटाई थी। आरोपियों ने नकली कोर्ट, ऑनलाइन बंदूक, पुलिस, फर्जी रसीद व फर्जी जज वीडियो कांफ्रसिंग के जरिये दिखाए।
उसके खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा करते हुए सामाजिक तौर पर बदनाम करने की धमकी भी दी गई। उन्होंने धमकी दी कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो एक और
केस लगाकर उसे घर से परिवार सहित उठा लिया जाएगा। उन्होंने उसके व पत्नी के फोन पर एक एप डाउनलोड करवाकर उनकी निगरानी रखनी शुरू कर दी।
फौजी ने कहा कि इन हालातों में उनके पास सुसाइड करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। लेकिन इस बीच कई दिनों से संपर्क नहीं होने पर उनके रिश्तेदार घर पर आए तो उन्हें पता चला कि उन्हें डिजीटल अरेस्ट करके रखा गया है।
रिश्तेदारों ने तुरंत मामले को भांप लिया और इसकी सूचना साइबर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूर्व फौजी ने माना कि यदि रिश्तेदार घर पर नहीं आते तो वह पत्नी के साथ सुसाइड कर लेता।

