रविंद्र कुमार भारद्वाज. गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटारिया गांव में विश्वकर्मा समाज की 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है. परिजनों का आरोप है कि युवती के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव गंगा नदी में फेंक दिया गया. घटना के बाद गांव में गुस्सा भड़क उठा और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई.
शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे. उन्होंने परिवार के मुखिया सियाराम विश्वकर्मा को 5 लाख रुपये का चेक, डेढ़ बीघा जमीन का पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास पत्र सौंपा. मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस मौके पर कहा ‘सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है. हम हर संभव मदद कर रहे हैं और न्याय सुनिश्चित करेंगे’. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी तंज कसा और कहा कि प्रदेश में कई घटनाएं होती हैं, लेकिन जब यादव समुदाय का नाम सामने आता है तो अखिलेश यादव घटनास्थल पर नहीं पहुंचते. राजभर ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.
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मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पांडे को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. परिजन हत्या और बलात्कार का आरोप लगा रहे हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में सीसीटीवी, व्हाट्सएप चैट और फोन कॉल के आधार पर आत्महत्या की संभावना भी जताई जा रही है, जांच जारी है. घटना के बाद सपा के प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने पर पथराव की घटना भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। सपा की ओर से अखिलेश यादव के 29 अप्रैल को गांव आने की चर्चा है. इस मामले ने गाजीपुर में सियासी घमासान तेज कर दिया है.
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