कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हिसार में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) से जुड़े विवाद ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है। 27 अप्रैल को होने वाली छात्र हित महापंचायत को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इस महापंचायत को दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जिसे अब ‘छात्रों की लड़ाई’ का नाम दिया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे सियासी समीकरण भी तेजी से बनते नजर आ रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब नरेश टिकैत, जो भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और 18 खापों के चौधरी माने जाते हैं, उन्होंने इस महापंचायत को खुला समर्थन दे दिया। टिकैत ने ऐलान किया है कि वे 27 अप्रैल को दल-बल के साथ हिसार पहुंचेंगे, जिससे इस महापंचायत की ताकत और भी बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि इस समर्थन के लिए खास पहल दिग्विजय सिंह चौटाला ने की। वे खुद सिसौली पहुंचकर सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ टिकैत को औपचारिक निमंत्रण देकर आए। इसके बाद टिकैत का समर्थन मिलना इस पूरे आंदोलन को नई दिशा देता दिख रहा है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह वाकई छात्रों के हित की लड़ाई है, या फिर इसके बहाने हरियाणा की राजनीति में एक नया शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। हिसार की यह महापंचायत सिर्फ एक छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में बड़े सियासी संदेश भी दे सकती है।