कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम चर्चा का केंद्र बना हुआ है निशांत कुमार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। उनकी इस नई पारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, वहीं राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा ने निशांत के फैसले और पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर अपनी बेबाक राय रखी है।

​निशांत कुमार की ‘जनसंपर्क यात्रा’

​निशांत कुमार आगामी 3 मई से पश्चिम चंपारण से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस कदम को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को संभालने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। सांसद मनन मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, निशांत कुमार अपने पिता के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। उनका जनता के बीच जाना और उनसे जुड़ना एक सराहनीय कदम है। जेडीयू ज्वाइन करने के बाद वह अपनी विरासत को सहेजने का प्रयास कर रहे हैं, जो पार्टी और राज्य के भविष्य के लिए सुखद है।

​बंगाल चुनाव: बीजेपी की लहर और ममता सरकार पर प्रहार

​पश्चिम बंगाल चुनाव के परिदृश्य पर मनन मिश्रा ने दावा किया कि वहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) भारी बहुमत से सत्ता में आने वाली है। पहले चरण के मतदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 93% मतदान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जनता ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दूसरे चरण में यह प्रतिशत और बढ़ेगा। मिश्रा के अनुसार, बंगाल की जनता ने अब ‘रोहिंग्या मुक्त बंगाल’ का संकल्प ले लिया है, जिसके चलते भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

​तेजस्वी और केजरीवाल पर तंज

​बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा ममता बनर्जी के पक्ष में प्रचार करने पर मनन मिश्रा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं का बंगाल में कोई वजूद नहीं है। मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा, जिन्हें बिहार और दिल्ली की सीमाओं के बाहर कोई नहीं पूछता, उनकी बंगाल में क्या औकात? इनके प्रचार का जमीन पर शून्य असर होगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि बंगाल की जनता ने अपना मूड बना लिया है और वह बाहरी समर्थन के बजाय विकास और सुरक्षा को चुनेगी।