सुशीला देवी, गुरुग्राम । गुरुग्राम में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बैंक के ही कर्मचारी ग्राहकों का संवेदनशील डेटा बेचकर फर्जी लोन दिलाने के खेल में शामिल पाए गए। इस मामले में पुलिस ने दो बैंक कर्मचारियों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


मामला तब उजागर हुआ जब 11 दिसंबर 2025 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध मानेसर में शिकायत दी कि उसके एक्सिस बैंक खाते से बिना जानकारी के ₹12,585 कट गए। जांच करने पर पता चला कि किसी ने उसके खाते से मोबाइल नंबर बदलकर करीब ₹4.74 लाख का प्री-अप्रूव्ड लोन ले लिया और पहली किस्त काट ली।


डिप्टी मैनेजर निकला मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड आरबीएल बैंक की दिल्ली शाखा में तैनात डिप्टी मैनेजर मोहम्मद अली है, जिसने गुरुग्राम में एक्सिस बैंक में कार्यरत मोहम्मद आसिफ से सांठगांठ कर ग्राहकों का गोपनीय डेटा हासिल किया। आसिफ ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर प्री-अप्रूव्ड लोन वाले खातों की जानकारी अली को दी।

इसके बाद यह डेटा अन्य आरोपी मोहम्मद हसीम तक पहुंचाया गया, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर खातों से जुड़े मोबाइल नंबर बदल दिए और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए फर्जी लोन निकाल लिए। इस सुनियोजित साजिश के जरिए कई लोगों को निशाना बनाया गया।


पुलिस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी
पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। साथ ही, अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब बैंकों से संपर्क कर इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
यह मामला एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और अंदरूनी लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।