सोहराब आलम/​मोतिहारी। बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह अपने एक दिवसीय दौरे पर मोतिहारी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और प्रांतीय राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर बेबाकी से अपनी राय रखी। एक स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव से लेकर बिहार की राजनीतिक विरासत तक पर कड़ा प्रहार किया।

​पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सूपड़ा साफ होने का दावा

​पश्चिम बंगाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए डॉ. सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की चुनावी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जो जनसैलाब और जनता का मूड देखा है, वह स्पष्ट रूप से भाजपा के खिलाफ है। डॉ. सिंह ने विश्वास जताते हुए कहा कि भाजपा को आगामी चुनावों में पिछली बार की तुलना में भी बहुत कम सीटें मिलेंगी और उन्हें एक बार फिर अपमानजनक हार का सामना करना पड़ेगा।

​नीतीश कुमार के बेटे पर तंज और आशीर्वाद

​बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे की सक्रियता और उनके बिहार दौरे पर पूछे गए सवाल पर डॉ. अखिलेश सिंह ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने हल्के व्यंग्य के साथ कहा, मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। वे राजनीति में अच्छा प्रदर्शन करें, हमारा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक कूटनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

​मोतिहारी को ‘ग्रीन सिटी’ न बनाने पर केंद्र और स्थानीय सांसद घेरे में

​डॉ. अखिलेश सिंह ने मोतिहारी को ‘ग्रीन सिटी’ योजना से बाहर रखे जाने पर गहरा क्षोभ प्रकट किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोतिहारी महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कर्मभूमि है। इस शहर का न केवल सांस्कृतिक महत्व है, बल्कि यह चंपारण सत्याग्रह की पहचान भी है। ऐसे में मोतिहारी को विकास की मुख्यधारा और पर्यावरण सुधार की योजना से वंचित रखना अन्यायपूर्ण है।
​उन्होंने स्थानीय भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जनता को उनसे पूछना चाहिए कि आखिर ऐतिहासिक मोतिहारी को इस योजना में शामिल क्यों नहीं कराया जा सका। उन्होंने मांग की कि पर्यटन और स्थानीय विकास के दृष्टिकोण से मोतिहारी को तत्काल ‘ग्रीन सिटी मिशन’ का हिस्सा बनाया जाए।

​परिवर्तन की लहर का संकेत

​प्रेस वार्ता के समापन पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनता अब खोखले वादों से ऊब चुकी है और बदलाव की राह देख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी समय में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।