चंडीगढ़। पंजाब की धरती अब तक देश का अन्न भंडार मानी जाती रही है, पर अब ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा हब बन सकती है। पोटाश भंडारों की संभावनाओं के बाद अब राज्य में प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के भंडार मिलने के संकेत मिले हैं।
मंत्री बरिंदर गोयल ने दावा किया कि केंद्रीय वैज्ञानिक टीम ने 6 जिलों को हाई-पोटेंशियल जोन चिन्हित किया है। तेल-गैस की खोज से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा। विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी। नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, यह संकेत देश की शीर्ष ऊर्जा एजेंसियों डायरेक्टर जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन और ऑयल इंडिया (ऑयल) की संयुक्त रणनीति का परिणाम है।
चंडीगढ़ में हुई बैठक में डीजीएच, ऑयल इंडिया और तकनीकी विशेषज्ञों ने सरकार से मिलकर हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन का पूरा ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। केंद्रीय टीम के मुताबिक, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला में तेल-गैस भंडार मिलने की संभावना है। शुरुआती चरण में 2डी सिस्मिक सर्वेक्षण होगा।

यह सर्वे 169 लाइन किमी क्षेत्र को कवर करेगा। गोयल ने कहा, जमीन में ध्वनि तरंगें भेजकर रॉक लेयर्स और स्ट्रक्चर की मैपिंग की जाएगी। इस पहल को केंद्र सरकार ने मिशन अन्वेषण नाम दिया है।
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