हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर खंडपीठ के लिए नई रोस्टर व्यवस्था जारी कर दी है। यह नई व्यवस्था 15 जून 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी से जारी इस आदेश में डिवीजन बेंच और सिंगल बेंचों के कार्यों का नया बंटवारा किया गया है।

नई रोस्टर के अनुसार, डिवीजन बेंच-1 में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी शामिल रहेंगे। यह बेंच जनहित याचिकाएं, ग्रीन बेंच से जुड़े मामले, व्यापम घोटाला, राष्ट्रीय राजमार्ग, टेंडर विवाद, खनिज, हैबियस कॉर्पस, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, टैक्स अपील, आपराधिक अपील और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेगी।

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सिंगल बेंच-1 में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर को गैर-सेवा संबंधी रिट याचिकाएं, टैक्स मामले, सिविल कंटेम्प्ट और विविध याचिकाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सिंगल बेंच-2 में जस्टिस संदीप एन. भट्ट सेवा संबंधी रिट याचिकाओं, कंपनी अपील और मध्यस्थता से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे।

जस्टिस विनय सराफ की बेंच को प्रथम एवं द्वितीय अपील, सिविल रिवीजन और अन्य सिविल मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। जस्टिस गजेंद्र सिंह और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी को अलग-अलग जिलों से आने वाले एमसीआरसी और आपराधिक रिट याचिकाओं की सुनवाई सौंपी गई है। वहीं जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच आपराधिक अपील और आपराधिक पुनरीक्षण मामलों की सुनवाई करेगी।

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नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी बेंच की अनुपलब्धता की स्थिति में मामलों की सुनवाई वैकल्पिक बेंचों के समक्ष की जाएगी। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और हाइब्रिड सुनवाई की सुविधा भी पहले की तरह जारी रहेगी। 15 जून से लागू होने वाली इस नई रोस्टर व्यवस्था के बाद इंदौर खंडपीठ में मामलों की सुनवाई नए सिरे से निर्धारित बेंचों के अनुसार होगी, जिससे लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और कार्य विभाजन में संतुलन आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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