अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश है. लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से दोबारा मुनादी कराए जाने के बाद व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. बुधवार को दक्षिण पट्टी स्थित अग्रवाल वस्त्रालय में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई.

बैठक में प्रदेश मंत्री और जिला महामंत्री चन्द्रेश्वर जायसवाल ने बताया कि पहले पुराने जीटी रोड के डिवाइडर से दोनों ओर 46-46 फीट तक जमीन अधिग्रहण की योजना बनाई गई थी. इसी आधार पर नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने और फोरलेन सड़क और नाले का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. हालांकि करीब 15 दिन पहले PWD ने दोबारा नपाई शुरू कर दी. इस बार डिवाइडर से दोनों ओर 52-52 फीट तक निशानदेही की गई. इसके बाद लाउडस्पीकर के जरिए दो दिन के भीतर दुकान और मकान खाली करने की चेतावनी दी गई, जिससे व्यापारियों में भय और असंतोष फैल गया है.

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व्यापारियों का कहना है कि 52 फीट की चौड़ाई लागू होने से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा. कई दुकानों की चौड़ाई महज 7 से 9 फीट है, जो इस फैसले से पूरी तरह खत्म हो जाएंगी. व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि उनके पास 1935, 1952 और 1975 के वैध बैनामे और दस्तावेज मौजूद हैं. बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि सड़क चौड़ीकरण पूर्व निर्धारित 46 फीट के दायरे में ही किया जाए, ताकि व्यापारियों का रोजगार सुरक्षित रह सके. व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

व्यापारियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी जाएगी. एसडीएम के साथ एक बैठक प्रस्तावित है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे.