लखनऊ। महिला आरक्षण बिल पर सियासी पारा हाई है। उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के बाद अब यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मुद्दे पर 30 अप्रैल को यूपी विधान मंडल का विशेष सत्र बुला रही है। बीते दिनों रविवार को हुई कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। इस सत्र के जरिए महिला आरक्षण बिल के समर्थन में प्रस्ताव पारित करना और विपक्ष के रवैया पर सवाल उठाना है।
महिला सशक्तिकरण पर होगी चर्चा
मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा के सत्र पर कहा कि महिला सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। उसी के लिए सत्र बुलाया गया है, महिला सशक्तिकरण बहुत आवश्यक है। जितनी भी बाधाएं हैं उन्हें दूर करना है, कोशिश है कि आधी आबादी का सशक्तिकरण हो। केंद्र की एनडीए सरकार ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ लेकर आई थी। अगर यह संशोधन पास हो जाता, तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता।
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पश्चिम बंगाल चुनाव पर क्या कहा
मंत्री ने आगे कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव पर उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भाजपा अच्छा प्रदर्शन कर रही है और पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने की ज्यादा संभावनाएं हैं।
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