किशनगंज। जिले में एक निजी कूरियर कंपनी के भीतर बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शहर के मारवाड़ी कॉलेज रोड स्थित किशनगंज हब नामक शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी पर 6.22 लाख रुपये से अधिक की राशि के गबन का आरोप लगा है। कंपनी की शिकायत पर स्थानीय सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
ऑडिट में हुआ बड़े घोटाले का खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार, मामला तब प्रकाश में आया जब कंपनी प्रबंधन ने बीते 14 जनवरी को अपनी किशनगंज शाखा का औचक कैश ऑडिट (वित्तीय अंकेक्षण) कराया। ऑडिट की प्रक्रिया के दौरान जब खातों और फिजिकल कैश का मिलान किया गया, तो भारी अंतर देखने को मिला। गणना में पाया गया कि कुल 6,22,617 रुपये कम हैं। इस गंभीर लापरवाही और वित्तीय हेराफेरी के बाद कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के होश उड़ गए।
हब असिस्टेंट पर लगा विश्वासघात का आरोप
इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार झा को बनाया गया है। अभिषेक मूल रूप से समस्तीपुर जिले का निवासी है, जो वर्तमान में किशनगंज के रूईधासा हनुमान मंदिर रोड इलाके में रह रहा था। घटना के वक्त वह किशनगंज हब में ‘हब असिस्टेंट’ के पद पर तैनात था। चूंकि शाखा के वित्तीय लेन-देन और कैश प्रबंधन की सीधी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी, इसलिए प्राथमिक तौर पर उसे ही इस गबन का जिम्मेदार माना गया है।
सहयोगियों को बांट दी कंपनी की रकम
कंपनी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। आंतरिक जांच और ऑडिट के दौरान यह संकेत मिले हैं कि आरोपी अभिषेक ने कंपनी के कैश बॉक्स से रकम निकालकर अपने कुछ सहयोगियों और परिचितों को बांट दी थी। इसी अनधिकृत वितरण के कारण कंपनी के खजाने में इतनी बड़ी कमी आई। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि मामला सामने आने के बाद अभिषेक से कई बार संपर्क साधा गया और उसे पैसे लौटाने का अवसर दिया गया, लेकिन उसने रकम वापस करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अंततः मजबूर होकर कंपनी को कानूनी रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
सदर थानाध्यक्ष ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी की लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कंपनी के ऑडिट दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय कागजातों को कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेल में अभिषेक के साथ और कौन-कौन से सहयोगी शामिल थे। थानाध्यक्ष का कहना है कि जांच पूरी होते ही दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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