कुंदन कुमार/पटना। दिल्ली में बिहार के युवक की हत्या और पटना में मासूम रोशनी के लिए न्याय मांग रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया दमन के खिलाफ बिहार प्रदेश कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम के मुख्य द्वार पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना रोष प्रकट किया।
”क्या बिहारी होना अब अपराध है?”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजेश राम ने दिल्ली में बिहार के युवक पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस द्वारा की गई हत्या पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पांडव की हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि वह ‘बिहारी’ था। राम ने कहा, “यह केवल एक युवक की जान जाना नहीं है, बल्कि बिहार के गौरव और अस्मिता पर सीधा हमला है। भाजपा के शासन में क्या अब बिहारी होना गुनाह बन गया है? हम अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे।”

लोकतंत्र पर हमला और पुलिसिया दमन
राजेश राम ने पटना की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 10 वर्षीय बच्ची रोशनी को न्याय दिलाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेता शशांत शेखर और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज करना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर न्याय की आवाज को दबा रही है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंट रही है।
बेकाबू अपराध और पंगु सरकार
राज्य की कानून व्यवस्था पर तंज कसते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी अब सरकारी कार्यालयों में घुसकर हत्याएं कर रहे हैं और भाजपा नेताओं के परिजन तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने एनडीए सरकार को “पंगु” बताते हुए मांग की कि:
- पांडव कुमार हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।
- रोशनी के समर्थकों पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
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