समस्तीपुर। जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी विभाग की टीम ने रोसड़ा अनुमंडल अस्पताल के सीनियर क्लर्क अनिल कुमार को 1 लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रिटायर्ड कर्मचारी के बकाया भुगतान के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर की गई है।
रिटायर्ड टेक्नीशियन से मांगी थी मोटी रकम
मामला अस्पताल के ही एक रिटायर्ड कर्मचारी देवेंद्र मंडल से जुड़ा है। देवेंद्र पिछले साल नवंबर में लैब टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके कार्य अवधि के दौरान के विभिन्न मदों और एरियर का लगभग 39 लाख रुपये विभाग पर बकाया था। इसी बड़ी राशि के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने और चेक क्लियर कराने के बदले सीनियर क्लर्क अनिल कुमार ने रिश्वत की डिमांड की थी।
निगरानी विभाग का बिछाया गया जाल
रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर देवेंद्र मंडल ने पिछले महीने मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। विभाग ने गुप्त रूप से शिकायत की सत्यता की जांच की, जिसमें क्लर्क द्वारा पैसे मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी की एक विशेष 5 सदस्यीय टीम ने क्लर्क को रंगे हाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया।
लोहिया नगर के पास से हुई गिरफ्तारी
योजना के अनुसार, देवेंद्र मंडल को केमिकल युक्त 1 लाख रुपये लेकर क्लर्क के पास भेजा गया। अनिल कुमार ने उन्हें अस्पताल के समीप ही स्थित लोहिया नगर मोहल्ले में पैसे देने के लिए बुलाया था। जैसे ही देवेंद्र ने क्लर्क को नोटों की गड्डी थमाई, सादे लिबास में तैनात निगरानी टीम ने उसे घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। हाथ धुलवाते ही क्लर्क की उंगलियां लाल हो गईं, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है।
मुजफ्फरपुर ले गई टीम
दोपहर करीब 12 बजे हुई इस अचानक कार्रवाई से अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी अनिल कुमार को लेकर मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गई, जहां उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
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