Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर में गुरुवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला अपराध एएसपी (ASP) कार्यालय के भीतर एक पॉक्सो एक्ट के आरोपी ने सरेआम अपना गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की।

ऑफिस के अंदर खून बिखरा देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस टीम उसे लेकर बाड़मेर मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल भागी, जहां डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसकी जान बचाई।

पूछताछ के दौरान टेबल से उठाया कटर

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामला महिला थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट से जुड़ा है। आरोपी नरेश कुमार पुत्र दालाराम, निवासी गांधीनगर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आज उसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभुराम के कार्यालय में पूछताछ और फिंगरप्रिंट लेने के लिए लाया गया था। बताया जा रहा है कि जब कार्रवाई चल रही थी, तभी नरेश की नजर टेबल पर रखे एक पेपर कटर पर पड़ी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने कटर उठाकर अपनी गर्दन पर दे मारा।

दफ्तर में मची चीख-पुकार, अधिकारी मौन

जैसे ही आरोपी ने खुद पर वार किया, कमरे में मौजूद पुलिसकर्मी सन्न रह गए। एएसपी कार्यालय की फर्श खून से लाल हो गई। पुलिस ने तुरंत गाड़ी निकाली और घायल को अस्पताल पहुंचाया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद अस्पताल पहुंचे एएसपी प्रभुराम ने मीडिया के कैमरों से दूरी बना ली और कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, आरोपी नरेश ने भी चुप्पी साधे रखी।

पूरे मामले पर बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निर्देश आर्य ने पुष्टि की है कि आरोपी ने फिंगरप्रिंट देने के दौरान टेबल पर रखे कटर से खुद को चोट पहुंचाई। उन्होंने बताया कि आरोपी का इलाज करा दिया गया है और अब उसे जेल भेज दिया गया है। हालांकि, एएसपी दफ्तर जैसी सुरक्षित जगह पर पेपर कटर जैसा हथियार आरोपी की पहुंच में कैसे आया, यह बड़ी लापरवाही है। पुलिस प्रशासन ने अब इस मामले में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।

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