सुरेश पांडेय, सिंगरौली। भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट के मुद्दे ने जिला पंचायत की आमसभा को हंगामेदार बना दिया। अध्यक्ष सोनम सिंह की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को बैठक का आयोजन किया गया था और “जल गंगा संवर्धन अभियान” पर चर्चा होनी थी। लेकिन चर्चा के शुरू होने से पहले ही हालात बिगड़ गए। इस दौरान कई सदस्य सिर पर खाली घड़े लेकर सभागार में पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
जरूरतमंद नही, जनप्रतिनिधियों के समर्थकों को मिल रहा लाभ
जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2025 में डीएमएफ मद से 10 करोड़ रुपए की लागत से 546 से अधिक हैंडपंप स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक उनका खनन कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जहां काम हो भी रहा है, वहां प्राथमिकता जरूरतमंद क्षेत्रों के बजाय जनप्रतिनिधियों के समर्थकों को दी जा रही है।
लोग परेशान हैं, जनता को क्या जवाब दें?
जिला पंचायत की एक और सदस्य सविता प्रजापति ने भावुक होकर कहा कि उनके खुद के घर में पानी की व्यवस्था नहीं है। कुआं सूख चुका है, भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। जब हमारे पास ही पानी नहीं है, तो हम जनता को क्या जवाब दें?
विपक्ष के आरोपों का जवाब
आरोपों के जवाब में प्रणव पाठक ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्य जारी है। 10 करोड़ में से लगभग 3 करोड़ रुपए के हैंडपंप का खनन हो चुका है और शेष कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि PHE विभाग कार्य में देरी कर रहा है, तो हैंडपंप खनन की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंप दी जाए, जिससे जल्द कार्य हो सके।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

