धनेश, रेवाड़ी। पीड़ित व्यक्तियों को नियमों व अत्याचार अधिनियम के तहत उनकी सहायता करने में संबंधित विभाग के अधिकारी किसी भी प्रकार की देरी न करें, पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

एडीसी राहुल मोदी गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों व समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। एडीसी ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए बनाए अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल स्थापित कर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों को दी गई राहत, प्राप्त मामलों और पुनर्वास सुविधाएं तथा उनसे संबंधित अन्य मामलों के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता निगरानी समिति नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। एडीसी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अधीन गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए संबंधित गतिविधियां आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत प्राप्त 2024-25 में 51 पीड़ितों को 96 लाख 87 हजार 500 रुपए तथा 2025-26 में 41 पीड़ितों को 78 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति के सदस्य व संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

