अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (International Workers Day) से पहले गौतमबुद्धनगर में पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए हैं. पूरे जिले को जोन और सेक्टर में बांटकर चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है. पिछले दिनों नोएडा में हुए प्रदर्शन को देखते हुए ये व्यवस्था की गई है.
श्रमिकों के संभावित धरना-प्रदर्शनों को देखते हुए जिले में 8 मई तक ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023’ की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है. कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 50 से ज्यादा संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए हाई-टेक निगरानी की जा रही है. पुलिस की मोबाइल टीमें भी लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं, वहीं कंट्रोल रूम से राजपत्रित अधिकारी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं. पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को शासन के निर्देशों के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
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बता दें कि बीते 13 अप्रैल को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा के फेज 2 थाना क्षेत्र में बड़ा हंगामा हो गया था. कंपनी के श्रमिकों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन (Noida employee protest) कर दिया था. स्थिति को नियंत्रति करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भीड़ उग्र हो गई थी. पुलिस के साथ प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की झड़प भी हुई थी. उग्र प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के बाहर तोड़फोड़ भी की थी.
इस प्रदर्शन में कई कंपनियों के कर्मचारी शामिल थे. सभी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन (Noida employee protest) कर रहे थे. कर्मचारियों का आरोप है कि इंक्रीमेंट के नाम पर कंपनियां धोखा दे रही थी. करीब चार दिन से चल रहे इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था. इसे लेकर सोमवार की सुबह एक नोएडा में कर्मचारियों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन चल रहा था.
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