पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा के परनावा में आयोजित राजकीय मेले के दौरान राज्य के विकास के लिए एक दूरदर्शी खाका पेश किया। उनके संबोधन में शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा को लेकर कई क्रांतिकारी घोषणाएं शामिल थीं।
युवाओं के लिए मेगा प्लान
मुख्यमंत्री ने बिहार की नई पीढ़ी के लिए भविष्य का द्वार खोलते हुए घोषणा की कि 2025 से 2030 के बीच राज्य के 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, राज्य में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए 20 नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम न केवल राज्य की जीडीपी को मजबूती देगा, बल्कि पलायन को रोकने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षा पर मास्टरप्लान: हर ब्लॉक में ‘वीआईपी’ स्कूल
शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव के लिए सीएम ने ‘मॉडल स्कूल’ की परिकल्पना साझा की। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में उच्च गुणवत्ता वाले स्कूल और कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों का स्तर इतना ऊंचा होगा कि बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के बच्चों के लिए भी वहां प्रवेश पाना प्रतिष्ठा की बात होगी।
सुरक्षा और सुशासन: 19 मई से पंचायत स्तर पर समाधान
कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक बेटियां सुरक्षित घर न पहुंचें, तब तक प्रशासन मुस्तैद रहे। साथ ही, भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर लगाम लगाने के लिए 19 मई से हर पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहां ब्लॉक और थाना स्तर की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा होगा।
धार्मिक पर्यटन और बाबा महतो धाम का विकास
बाबा महतो साहब की जन्मस्थली के महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का वादा किया। उन्होंने जमीन अधिग्रहण, नई सड़कों के निर्माण और स्थानीय आईटीआई (ITI) व स्वास्थ्य केंद्र का नाम बाबा महतो के नाम पर करने की घोषणा की।
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