अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में नूंह में गर्भवती महिलाओं के लिए आयोजित सात दिवसीय योग शिविर का सफल समापन हुआ। विशेषज्ञों ने योग के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य पर जोर दिया।
सोनू वर्मा, नूंह। हरियाणा योग आयोग और आयुष विभाग नूंह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष योग शिविर शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 75 दिन पूर्व शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना था। शिविर के समापन अवसर पर आयुष विभाग के मेडिकल ऑफिसर एवं योग कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मनोज ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आयुष विभाग की महिला प्रशिक्षिकाओं ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किए जाने वाले सुरक्षित योगासनों का अभ्यास कराया।
सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ शिशु के लिए योग अनिवार्य
शिविर के दौरान आयुष योग सहायक नीरज रानी, बबीता और सुमित्रा ने महिलाओं को बारीकी से योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया। मुख्य अतिथि डॉ. मनोज ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए योग की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक श्रम की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अनेक जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। डॉ. मनोज ने बताया कि यदि महिलाएं नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाती हैं, तो न केवल प्रसव की प्रक्रिया सरल और सुरक्षित होगी, बल्कि इससे होने वाला बच्चा भी शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से बुद्धिमान विकसित होगा।
घर-घर तक योग पहुंचाने का लक्ष्य
जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशबीर गहलावत ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका मूल लक्ष्य योग को जन-आंदोलन बनाकर हर घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नूंह जिले में आयुष विभाग की टीम पूरी तत्परता के साथ सभी व्यायामशालाओं में लोगों को योग से जोड़ रही है। योग न केवल बीमारियों को दूर रखता है, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भी सहायक है। शिविर के समापन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद लाभकारी बताया।

