नूंह जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 दिनों में 500 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसपी डॉ. अर्पित जैन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
सोनू वर्मा, नूंह। जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित जिला स्तरीय ‘अपराध गोष्ठी’ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने की, जिसमें जिले के सभी थाना प्रबंधक, स्टाफ प्रभारी, चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी शामिल हुए। एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गोकशी, गो-तस्करी, पत्थर चोरी, अवैध खनन, साइबर अपराध और लूट जैसे गंभीर अपराधों पर शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाए और अपराधियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
26 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: इनामी बदमाशों सहित 500 गिरफ्तार
पुलिस प्रवक्ता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एसपी डॉ. अर्पित जैन के पदभार ग्रहण करने के मात्र 26 दिनों के भीतर ही नूंह पुलिस ने प्रभावी स्ट्राइक करते हुए करीब 500 अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया है। इनमें 2 हजार से 10 हजार रुपये तक के तीन इनामी बदमाश, एक हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात खूंटैल गिरोह के दो सदस्य शामिल हैं। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 20 उद्घोषित अपराधियों (PO) और 5 बेल जंपर्स को भी गिरफ्तार किया है। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए जिले में 50 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 28 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी को पुख्ता किया गया है। इसके अलावा, पिछले एक माह में जिले में लूट की एक भी घटना दर्ज न होना पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हुड़दंगियों पर लगाम और भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान यातायात नियमों और सामाजिक व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए। हाल ही में शादी समारोहों में वाहनों पर खड़े होकर हुड़दंग करने वालों पर पुलिस ने नकेल कसी है, जिसके तहत एक दूल्हे और उसके पिता समेत अन्य पर मामला दर्ज कर छह वाहन जब्त किए गए हैं। एसपी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा है। अंत में, डॉ. अर्पित जैन ने विभाग के भीतर पारदर्शिता का संदेश देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत प्रमाणित होती है, तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

