Jaipur News: गुलाबी नगरी में अगर आप भी मकान या फ्लैट किराये पर देकर कमाई कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। जयपुर पुलिस अब उन मकान मालिकों पर काल बनकर टूटने वाली है, जो बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किसी को भी कमरा दे देते हैं।

हाल ही में शहर में पकड़े गए खूंखार अपराधियों और आतंकियों के बाद पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। अब अगर आपके किरायेदार का रिकॉर्ड थाने में दर्ज नहीं मिला, तो पुलिस सीधे बीएनएस (BNS) की धारा 188 के तहत आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज देगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। म्यांमार का रहने वाला अबू-बकर हो या रोहित गोदारा गैंग के शार्प शूटर, ये सभी जयपुर के रिहायशी इलाकों में पहचान छिपाकर रह रहे थे। बिंदायका से लेकर जवाहर सर्किल तक, अपराधियों ने बिना वेरिफिकेशन के मिल रहे कमरों को अपनी फरारी काटने का ठिकाना बना लिया है। जयसिंह पुरा खोर में तो एक आतंकी सहजाद नाम से एक साल तक किराये पर रहा और मकान मालिक को भनक तक नहीं लगी।

मकान मालिक पर गिरेगी गाज, होगी ये कार्रवाई

जयपुर पुलिस ने दो टूक कह दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर आपका किरायेदार किसी भी वारदात में शामिल पाया जाता है और उसका वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मकान मालिक की होगी। सरकारी आदेश की अवहेलना पर मकान मालिक पर BNS 188 के तहत एफआईआर दर्ज होगी। गंभीर मामलों में मकान मालिक को अपराधी का मददगार मानकर कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट-कचहरी और भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

घर बैठे ऐसे करें वेरिफिकेशन, न लें जोखिम

पुलिस का कहना है कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बेहद आसान है, फिर भी लोग आलस कर रहे हैं। राज कॉप सिटीजन ऐप के जरिए आप घर बैठे किरायेदार की डिटेल अपलोड कर सकते हैं। अपने क्षेत्र के बीट कांस्टेबल या थाने में जाकर किरायेदार के आधार कार्ड और फोटो के साथ फॉर्म जमा करें। वेरिफिकेशन से किरायेदार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और स्थायी पता पुख्ता हो जाता है।

पढ़ें ये खबरें