प्रदीप मालवीय, उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 5 अवैध बिल्डिंगों पर सरकार की एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर है। यह प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है। जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया। लीज समाप्ति के बाद नवीनीकरण नहीं हो सका। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की जा रही है।
शनिवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नही मिला। दरअसल, यहां पिछले एक वर्ष के भीतर इसी प्रकार 58 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था तब जरूर विरोध हुआ था। फिलहाल आज कार्यवाही शांतिपूर्ण रही है। जिस जगह कार्यवाही हुई वह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए यह रास्ता वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। केवल श्राद्धलु पैदल जा रहे है।
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30 साल की लीज खत्म
दरअसल, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई। जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए।
एक साल में 58 बिल्डिंगों को हटाया गया
वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। यहां पहले भी छह चरणों मे करीब एक वर्ष के भीतर 58 बिल्डिंगों को हटाया गया था। खास बात तो यह है कि जहां कार्यवाही हो रही है ऐसे 45 भूखंड है जिन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 90 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 90 में से 63 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है शेष 27 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।
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जिन 05 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। इन लोगों का कब्जा था…
भूखंड क्रमांक 60
- बशिरन बी
- अब्दुल रफीक
- मोहम्मद जीशान
- अब्दुल गनी
भूखण्ड क्रमांक 61
- बिलकिस बानो
- मोहम्मद शब्बीर
उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
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