श्रवण प्रजापति ,सिरसा। मंडियों में गेहूं के धीमे उठान को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह जस्सा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लिफ्टिंग को लेकर किए जा रहे सरकारी दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।
शनिवार को जारी बयान में जस्सा ने कहा कि सरकार दावा करती है कि गेहूं खरीद के 72 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि सिरसा जिले की मंडियों में लाखों टन गेहूं अब भी बिना उठान के पड़ा हुआ है।
उठान की प्रक्रिया धीमी होने से किसान परेशान
उन्होंने बताया कि मंडियों में आढ़तियों को लिफ्टिंग के लिए मात्र 2-2 ट्रक उपलब्ध कराए गए हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं। इस कारण उठान की प्रक्रिया बेहद धीमी है और किसान परेशान हो रहे हैं।
इनेलो जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनके शासनकाल में किसानों की फसल की खरीद और भुगतान प्रक्रिया कहीं अधिक तेज और व्यवस्थित थी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी गई गेहूं को केंद्रीय गोदामों में नहीं पहुंचाया जाता, तब तक किसानों को भुगतान संभव नहीं है।
.गेहूं उतारने के लिए श्रमिकों की भी कमी
जस्सा के अनुसार, जब उन्होंने उठान ठेकेदार से बात की तो पता चला कि केंद्रीय गोदामों में गेहूं उतारने के लिए श्रमिकों की भारी कमी है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है।उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि उठान प्रक्रिया को तेज किया जाए और किसानों को जल्द राहत दी जाए.

