गोरखपुर. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गोरखपुर पहुंच गए हैं. वे यहां से अपनी 81 दिवसीय गौ रक्षा यात्रा (Gorakhpur goraksha Yatra) की शुरुआत करेंगे. सहजनवा क्षेत्र के पनिका गांव से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. इससे पहले शंकराचार्य ने प्राचीन शिव मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया. उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा के लिए निकला हूं.
गोरखपुर से यात्रा शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा कि गाय की रक्षा के नाम पर ही जो शहर बसा हो वहां से यात्रा शुरु करने के लिए इससे बढ़िया जगह नहीं हो सकती. इस शहर का नाम ही गोरक्षपुर (गोरखपुर) है इसलिए हमने इस नगर का चयन किया. स्वामी ने कहा कि ये गविष्ठि यात्रा (गो माता के लिए लड़े जाने वाले धर्मयुद्ध को गविष्ठि कहा जाता है) है. ये यात्रा प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी. प्रतिदिन 5 विधानसभाओं से ये यात्रा गुजरेगी. जिसमें 81 दिन लगेंगे.
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वहीं शासन प्रशासन से सहयोग को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शासन प्रशासन हमारा ही है. सहयोग तो करेगा ही, क्यों नहीं करेगा. बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐलान किया है कि 3 मई से गोरखपुर की धरती से गौरक्षा यात्रा निकाली जाएगी, जो 24 जुलाई को लखनऊ में समाप्त होगी. यह यात्रा राज्य की 403 विधानसभा सीटों में जाएगी और मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए जागरूक करेगी.
जिस पार्टी को हिंदू वोट देते हैं, वही सत्तारूढ़ होने पर उनके खिलाफ हो जाती है- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी पहले ही ये कह चुके हैं कि अगर कोई राजनीतिक दल गौरक्षा का संकल्प लेकर उनके पास आता है, तो वह उसका समर्थन करेंगे. अन्यथा, गौरक्षक चुनाव लड़ेंगे और इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाएंगे. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि हिंदुओं को यह समझना चाहिए कि वे अपना वोट जिस पार्टी को देते हैं, वह सत्ता में आने के बाद उनके ही खिलाफ ताकत दिखाती है.
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