कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हरियाणवी अंदाज एक बार फिर सुर्खियों में है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर बोलते हुए उन्होंने कहा—“प्रधानमंत्री ने 60 साल पुराना मूल पाड़ दिया।” हरियाणा के लोगों के लिए यह बात सीधी समझ आने वाली है, लेकिन राज्य से बाहर के लोगों के लिए यह शब्द अपने आप में एक दिलचस्प पहेली बन गया है।

दरअसल, हरियाणवी भाषा में “मूल” का मतलब पेड़ की जड़ होता है और “पाड़ दिया” का मतलब होता है जड़ से उखाड़ फेंकना। यानी मुख्यमंत्री का आशय यह था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चले आ रही कम्युनिस्ट और टीएमसी की सत्ता को जड़ से खत्म कर दिया। लेकिन इस जोशीले बयान के दौरान आंकड़ों में हल्की सी चूक हो गई, जिसने इस पूरे बयान को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल में Communist Party of India (Marxist) का 35 साल और ममता बनर्जी का 20 साल का शासन रहा। यहीं पर गणित गड़बड़ा गया।

वास्तविकता यह है कि वाम मोर्चा का शासन 1977 से 2011 तक करीब 34 साल चला, जबकि ममता बनर्जी 2011 से अब तक करीब 15 साल से सत्ता में हैं। यानी कुल अवधि 60 साल नहीं बल्कि लगभग 50 साल के आसपास बैठती है।

अपने भाषण में सीएम सैनी ने “मूल” को विकास में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए कहा कि पहले लोगों को डराकर वोट लिया जाता था और विकास की रफ्तार थाम दी जाती थी। उनका दावा था कि अब उस “मूल” को उखाड़कर खत्म कर दिया गया है और विकास का रास्ता साफ हो गया है।

हरियाणवी रंग में कही गई यह बात जहां स्थानीय लोगों को तुरंत समझ आ गई, वहीं बाहर के राज्यों के लिए यह बयान पहले पहेली बना और फिर आंकड़ों की गलती के कारण चर्चा का विषय बन गया।