गांव तलवंडी बादशापुर के अनिल रेड्डू की संदिग्ध मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर परिजनों और भीम आर्मी ने हिसार लघु सचिवालय के द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रवीण कुमार, हिसार। जिले में गांव तलवंडी बादशापुर के दलित युवक अनिल रेड्डू की मौत का मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो गया है। सोमवार, 4 मई 2026 को न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार और विभिन्न दलित संगठनों ने प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने रोष स्वरूप हिसार लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर ही मृतक की ‘तेरहवीं’ की रस्म अदा की। सचिवालय की चौखट पर संपन्न हुआ यह शोक-कार्यक्रम पुलिस प्रशासन के लिए एक सीधा अल्टीमेटम माना जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से भीम आर्मी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने किया, जिन्होंने पुलिसिया जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस जांच पर संदेह और भीम आर्मी का अल्टीमेटम

प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि पुलिस और प्रशासन राजनीतिक दबाव के चलते इस ‘सुनियोजित हत्या’ को महज एक ‘सड़क दुर्घटना’ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए भीम आर्मी नेता संतलाल अंबेडकर ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत सभी आरोपियों को हत्या की धाराओं के तहत गिरफ्तार नहीं किया, तो दलित समाज शांत नहीं बैठेगा। भीम आर्मी और बसपा ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो हिसार से शुरू हुआ यह संघर्ष पूरे प्रदेश में एक व्यापक आंदोलन का रूप ले लेगा।

डीजीपी को ज्ञापन और प्रशासन को चेतावनी

तेरहवीं की रस्म के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें थाना आजादनगर में दर्ज एफआईआर नंबर 209 (26 अप्रैल 2026) के तहत सभी नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा, पीड़ित परिवार के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, गवाहों की सुरक्षा, एसआईटी (SIT) जांच और आरोपियों का लाई डिटैक्टर टेस्ट करवाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द अमल नहीं हुआ, तो आगामी आंदोलन की जिम्मेदारी स्वयं शासन की होगी।

मृतक परिवार और संगठनों की सामूहिक उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में मृतक अनिल रेड्डू के परिजन सत्यवान, सुनील, नवलकिशोर और उनकी पत्नी पिंकी देवी मुख्य रूप से शामिल रहीं। उनके साथ कानूनी पक्ष रखने के लिए एडवोकेट बजरंग इंदल, एडवोकेट रामसिंह सोढ़ी, पवन तुदवाल और मोनिका ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सामाजिक नेताओं में डॉ. सुरेश छाछिया, प्रकाश पंवार, राजकुमार, प्रदीप, रविन्द्र चौहान और जगदीश बौद्ध सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समाज के विभिन्न वर्गों से आए इन लोगों ने एक स्वर में अनिल रेड्डू के लिए न्याय की मांग की और प्रशासन को निष्पक्ष जांच के लिए मजबूर करने का संकल्प लिया।