हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महिला आरक्षण को 2026 तक लटकाने और प्रदेश में व्यापारियों से मांगी जा रही रंगदारी को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पंचकूला। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महिला आरक्षण और प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हुड्डा ने केंद्र और राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हो गया था, उसका नोटिफिकेशन जारी करने में सरकार ने 2026 तक का समय लगा दिया। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ छलावा करार देते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर इसे परिसीमन (Delimitation) जैसी जटिल प्रक्रियाओं से जोड़कर लागू करने में अनावश्यक देरी की है, ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
नगर निगम चुनाव और पांच राज्यों के नतीजों का जिक्र
हुड्डा ने कांग्रेस की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आगामी नगर निगम चुनावों में उनकी पार्टी ने 5 में से 4 महत्वपूर्ण सीटों पर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के चुनावों और उनके रुझानों पर टिप्पणी करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी के खिलाफ ‘एंटी-इनकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) का लाभ भाजपा को मिला, ठीक वही स्थिति अब हरियाणा में बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि 11 साल से सत्ता में बैठी भाजपा के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है और आने वाले समय में इसका सीधा लाभ कांग्रेस को मिलेगा।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा: व्यापारियों में खौफ
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों और उद्योगपतियों से सरेआम रंगदारी और फिरौती मांगी जा रही है, जिससे व्यापार जगत में डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है और संगठित अपराधों पर लगाम कसने के बजाय सिर्फ कागजी दावे कर रही है। हुड्डा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुरक्षा की स्थिति नहीं सुधरी तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

