बक्सर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी सियासी पारा चढ़ा दिया है। बक्सर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस जीत को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए जोरदार जश्न मनाया। इस विजय उत्सव में विशेष रूप से शामिल हुए बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और बंगाल के परिणामों को विकास की जीत बताया।
विधायक आनंद मिश्रा: “यह गुंडागर्दी के खिलाफ जनादेश है”
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनता का आक्रोश था। उन्होंने टीएमसी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से बंगाल की जनता कथित ‘गुंडागर्दी’ और भ्रष्टाचार से त्रस्त थी। मिश्रा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताकर बंगाल की जनता ने अब विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने इस जीत को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिली एक बड़ी उपलब्धि बताया।
विपक्ष का तीखा प्रहार
जहां भाजपा खेमे में उत्साह है, वहीं विपक्षी दलों ने इन नतीजों और जश्न पर कड़ा ऐतराज जताया है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह जनता की जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को कार्यकर्ताओं के बजाय चुनाव आयोग, प्रशासनिक अधिकारियों और ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियों को धन्यवाद देना चाहिए।
सांसद सुधाकर सिंह की चेतावनी
इस बहस में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह भी कूद पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि भाजपा ‘कल-छल-बल’ के सहारे राज्यों में चुनाव तो जीत सकती है, लेकिन आगामी देश के आम चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ेगा। उनके इस बयान ने जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
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