मुजफ्फरपुर। जिले में आपसी विवाद और मारपीट में घायल 14 वर्षीय किशोर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​इलाज के दौरान तोड़ा दम, अस्पताल में हंगामा

​रेलवे कॉलोनी के रहने वाले प्रदीप राम के पुत्र विक्रम कुमार (14) की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक सप्ताह तक जीवन और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद जब विक्रम ने अंतिम सांस ली, तो आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई में ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।

​मां का गंभीर आरोप: साजिश के तहत बुलाया गया

​मृतक की मां, आशा देवी ने भावुक होते हुए बताया कि पिछले मंगलवार की रात विक्रम के पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने उसे जरूरी काम के बहाने घर से बाहर बुलाया। जैसे ही विक्रम वहां पहुंचा, घात लगाए हमलावरों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। मां का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि जातिसूचक गालियां देकर उसे अपमानित भी किया। गंभीर हालत में उसे पहले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

​पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सिटी-2, विनीता सिन्हा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना में शामिल अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

इलाके में तनाव, सुरक्षा बल तैनात

किशोर की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अस्पताल और प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।