विकासनगर. बैरागीवाला गांव में 13 जून को दो समुदायों के बीच पुराना विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया. मामूली बात पर शुरू हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ और उपद्रवियों ने कुछ घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में बीजेपी नेता विनोद कश्यप की हत्या हो गई थी. घटना के तीन दिन बाद आज सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. पीड़त परिवार ने आरोपियों के एनकाउंटर, घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद की मांग की है.
बता दें कि सीएम धामी ने इस घटना की निंदा की थी. उन्होंने आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त एक्शन की बात कही थी. इस सांप्रदायिक हिंसा से क्षेत्र में तनाव का माहौल था, जिसके मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. धामी ने कहा था कि देवभूमि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. बीते दिन देहरादून में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है, जो लोग कानून को चुनौती देने का दुस्साहस करेंगे, उन्हें ऐसा दंड मिलेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले हजार बार सोचेगा.
इसे भी पढ़ें : अंकिता भंडारी केस: पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार, दुष्यंत गौतम का नाम लेने वाली कॉल बातचीत पर FIR
सीएम ने कहा था कि घटना के बाद प्रशासन कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है, उसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी. घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए न्याय और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया था. हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवान मौके पर तैनात किए गए थे.

