Bihar news: पश्चिम बंगाल के चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इसकी घोषणा की है। ममता के सीएम पद से इस्तीफा देने से इंकार करने पर राजद की प्रतिक्रिया सामने आई है।

मीडिया ने फैलाया नैरेटिव- मनोज झा

राजद सांसद मनोज झा ने दिल्ली में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि, उन्होंने (ममता बनर्जी) कहा था कि मैं हारी नहीं हराई गई हूं। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय बल की बात की थी और उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा से मेरी कोई लड़ाई नहीं थी।

राजद सांसद ने कहा कि, मीडिया ने उनके इस बयान पर नैरेटिव सेट करते हुए सीएम पद से इस्तीफा नहीं देने की बात फैलाई है। मीडिया ने उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को नहीं बताया। मनोज झा ने कहा कि, वे (ममता बनर्जी) कई बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में पता है।

यह जनादेश नहीं ज्ञानादेश- पप्पू यादव

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी असम और बंगाल के विधानसभा चुनाव में आए नतीजों को लेकर चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से पोस्ट करते हुए लिखा कि, असम-बंगाल में जनादेश नहीं ज्ञानादेश है। ज्ञानेश को उनके आका ने जो आदेश दिया, उसको उसने पूरा किया।

पप्पू यादव ने आगे लिखा कि, यदि देश में लोकतंत्र बचाना है, तो सबको सड़कों पर आना होगा। सांसद ने कहा कि, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और असम में महिलाओं को रुपए बांटकर BJP चुनाव जीत गई और बंगाल में TMC महिलाओं और युवाओं को रुपए बांटकर हार गई। है न गजब।

महज 81 सीटों पर सिमटी TMC, ममता भी हारीं

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ताधारी दल टीएमसी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। 293 सीटों में से बीजेपी ने 206 सीटें जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। वहीं, टीएमसी महज 81 सीटों पर ही सिमट गई। 2021 में हुए चुनाव के मुकाबले ममता की टीएमसी को 134 सीटों को नुकसान हुआ है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है। वहीं, 15 साल से बंगाल की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी के लिए यह बड़ी हार है। टीएमसी के हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की मुख्यमंत्री होकर भी ममता बनर्जी अपनी सीट नहीं बचा पाई। भवानीपुर सीट से बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15, 501 वोटों से चुनाव हराया।

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