शिवम मिश्रा, रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और AICC महासचिव भूपेश बघेल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सुशासन तिहार में भ्रमण कर रहे हैं. जिस दिन कवर्धा गए, उसी दिन महिला की हत्या हुई. नांदगाव गए तो फूलबासन का अपहरण हो गया. पद्मश्री फूलबासन के अपहरण के बारे में कोई कैसे सोच सकता है. आज भी रायपुर में दो मर्डर हुए. कानून व्यवस्था तार-तार हो गई है.

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में सुप्रीम कोर्ट के पूर्णकालिक डीजीपी बनाने के निर्देश पर कहा कि सरकार एक डीजीपी नियुक्त नहीं कर पा रही है, तो सोच सकते हैं कानून व्यवस्था की क्या स्थिति होगी. सरकार कोई निर्णय नहीं ले पा रही है. निर्णय कौन लेता है, यह भी नहीं पता है.

उन्होंने कहा कि संवाद से मुख्यमंत्री का पेज चल रहा है. व्यक्तिगत पेज कैसे चल सकता है, इसके लिए अलग टीम होती है. सीएमओ के पेज पर सरकार की उपलब्ध पर चर्चा होती है. सीएमओ के पेज पर आज राजनीति होती है. संवाद में बीजेपी पार्टी का बोर्ड लगा देना चाहिए. वहां काम कर रहे लोगों को हाफ पैंट और काली टोपी पहना देना चाहिए. छत्तीसगढ़ के लोगों को संवाद से निकाला जा रहा है, और गुजरात के लोगों को काम दिया जा रहा है.

भूपेश बघेल ने ‘घुसपैठिए बंगाल से रायपुर आते थे’ वाले बयान पर गृह मंत्री विजय शर्मा को आड़े हाथ लेते हुए उन्हे निकम्मा करार दिया. उन्होंने कहा कि गजब के गृहमंत्री हैं. रायपुर में अगर बांग्लादेशी हैं, तो ढाई साल में एक भी आईडेंटिफाई नहीं कर पाए. गृहमंत्री खुद अपने आप को प्रमाण पत्र दे रहे हैं कि निकम्मा हूं. प्रधानमंत्री, गृहमंत्री नाकाबिल हैं. बांग्लादेशी बाहर से आ रहे हैं, तो इसकी जवाबदारी केंद्र की है.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल में इसके साथ बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में (वोटों की) चोरी नहीं, डकैती हुई है. यहां भाजपा की जीत नहीं, (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार की जीत हुई है.

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