पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। जिले के अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व भाजपा संसदीय सचिव और क्षेत्र के वरिष्ठ नेता गोवर्धन मांझी मंच से ही प्रशासन पर भड़क उठे। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर भगवान सिंह उइके की मौजूदगी में मांझी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते, जिससे छोटी-छोटी समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रहती हैं।

उन्होंने कहा कि पानी, बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर जनता लगातार जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचती है, लेकिन प्रशासन तक बात पहुंचाने के बाद भी समाधान नहीं हो पाता।

गोवर्धन मांझी ने मंच से कहा कि “कलेक्टर साहब, आप फोन तो उठा लिया करें। छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान ऐसे ही हो जाता है। लोग आवेदन देकर थक चुके हैं, लेकिन अधिकारियों तक सुनवाई नहीं होती।”

शिविर कोई जादू की छड़ी नहीं- गोवर्धन मांझी

उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ शिविर लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। “शिविर कोई जादू की छड़ी नहीं है कि एकाएक सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन सिस्टम में सुधार जरूरी है।”

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शिविर में बड़ी संख्या में खाली कुर्सियां देख मांझी ने प्रचार-प्रसार की कमी और प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खाली पंडाल इस बात का संकेत है कि प्रशासन सरकार की मंशा के अनुरूप गंभीरता से काम नहीं कर रहा।

मंच से दिए गए इस बयान के बाद कार्यक्रम में कुछ देर के लिए माहौल राजनीतिक हो गया और अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

देखिये वीडियो- (सुशासन तिहार में भड़के भाजपा नेता)

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