वरिष्ठ कांग्रेस नेता राज बब्बर ने पंचकूला में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए हरियाणा के "तंत्र" पर सवाल उठाए और कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट मांगे।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। निकाय चुनाव के बीच पंचकूला पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता Raj Babbar ने ऐसा बयान दिया जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। चुनाव प्रचार के दौरान राज बब्बर ने सीधे “तंत्र” पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा की जनता हमेशा कांग्रेस के साथ खड़ी रही है, लेकिन “जनता हमें चुन लेती है और तंत्र हमें रिजेक्ट कर देता है।” उनके इस बयान को कांग्रेस की चुनावी हार और ईवीएम समेत पूरे सिस्टम पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा

पंचकूला में कांग्रेस मेयर प्रत्याशी Sudha Bhardwaj और पार्षद उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस ने संघर्ष करना कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जनता का रुझान कांग्रेस की तरफ था, लेकिन नतीजों ने कई सवाल खड़े किए। राज बब्बर बोले कि “अगर सेवा के अवसर से हम चूके हैं तो उसकी हकीकत अब सबके सामने है।”

राज बब्बर का यह बयान ऐसे समय आया है जब हरियाणा में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों पर घेर रही है, वहीं भाजपा विकास और डबल इंजन सरकार के नाम पर वोट मांग रही है। ऐसे में राज बब्बर ने सीधे “सिस्टम” शब्द का इस्तेमाल कर राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।

प्रचार के दौरान उन्होंने पंचकूला नगर निगम को हरियाणा की सबसे महत्वपूर्ण नगर निगमों में बताते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ मेयर या पार्षद चुनने का नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को मजबूत करने का चुनाव है। उन्होंने लोगों से 10 मई को कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

राज बब्बर ने मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के अलावा वार्ड नंबर 5 से विजय शर्मा, वार्ड नंबर 10 से बलजीत सिंह सैनी ‘काका’, वार्ड नंबर 11 से श्रीमती अंजू, वार्ड नंबर 14 से पीयूष गौतम, वार्ड नंबर 15 से सरस्वती देवी और वार्ड नंबर 16 से सुनीता देवी के समर्थन में भी प्रचार किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोड शो और जनसंपर्क अभियान के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज बब्बर का “जनता चुनती है, तंत्र रिजेक्ट कर देता है” वाला बयान आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच नई सियासी जंग का मुद्दा बन सकता है।