हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश इंदौर की विधानसभा 4 के महू नाका पर यातायात पुलिस की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र शेंडगे के साथ कथित बदतमीजी और मारपीट के आरोप के बाद मामला सड़क से लेकर पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया। घटना के विरोध में विधानसभा 4 की विधायक मालिनी गौड़ के समर्थक सड़क पर उतर आए और महू नाका चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से ट्रैफिक पूरी तरह थम गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

READ MORE: ‘300 करोड़ दो, उमंग सिंघार के साथ चली जाउंगी’, निर्मला सप्रे के बयान से सियासत तेज, इस पार्टी का समर्थन करने की कही बात

भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यातायात पुलिसकर्मियों ने वीरेंद्र शेंडगे के साथ अभद्रता की और मारपीट तक की। इसी के विरोध में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मामला तूल पकड़ता देख पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों—कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी—को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं ट्रैफिक टीआई राधा यादव को भी फील्ड से हटाकर कार्यालय अटैच कर दिया गया है।

READ MORE: सावधान! क्या आप भी खा रहे हैं ऐसी कुल्फी? इंदौर में बिना लाइसेंस चल रही यूनिट बंद, फर्श पर बन रही मिठाई देख अधिकारी भी हैरान

हालांकि, पूरे मामले में अब भी कई सवाल खड़े हैं। क्या वाकई पुलिसकर्मियों ने सीमा लांघी या फिर मामला राजनीतिक दबाव का शिकार हो गया? सड़क पर चक्का जाम और उसके बाद हुई त्वरित कार्रवाई यह जरूर दिखाती है कि इंदौर में कानून व्यवस्था और सियासत के बीच टकराव खुलकर सामने आ रहा है। इसी दौरान भीड़ ने एक बिना हेलमेट जा रहे हैं पुलिसकर्मी को रोक लिया और उसके साथ धक्का मुक्की की इसी दौरान बीच में आए एसीपी ने पुलिसकर्मी का चालन बनाया इसके बाद भीड़ का गुस्सा शांत हुआ । फिलहाल, प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़क पर कानून का राज है या फिर दबाव की राजनीति हावी है?

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m