सोनू वर्मा, नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में आगामी 11 मई को आयोजित होने वाले ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न स्कूलों में ‘सोमनाथ मंदिर का इतिहास एवं महत्व’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी लेखन प्रतिभा के माध्यम से देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रभावशाली वर्णन किया।

जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर न केवल हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय इतिहास की जीवंत विरासत भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखता है और भगवान श्रीकृष्ण की पावन देहत्याग स्थली होने के कारण इसका पौराणिक महत्व और भी बढ़ जाता है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उजीना सहित जिले के अन्य स्कूलों में भी बच्चों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूल की प्राचार्य कविता और वरिष्ठ अध्यापकों ने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुत्थान और इसकी सांस्कृतिक विरासत को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है।

जिला एफएलएन कॉर्डिनेटर डॉ. कुसुम मलिक ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 11 मई को नल्हड़ मंदिर परिसर में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस पर्व के माध्यम से जिले भर में राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।