कुंदन कुमार/ पटना। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कमान संभालते ही डॉ. दिलीप जायसवाल ने अपने तेवरों से विभाग में हलचल मचा दी है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने न केवल अधिकारियों को सीधी चेतावनी दी है, बल्कि भू-माफियाओं के खिलाफ भी निर्णायक जंग का एलान कर दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब बिहार में भूमि सर्वेक्षण का महत्वाकांक्षी कार्य एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।

​अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

​विभागीय मंत्री का जिम्मा संभालते ही दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी उनके बोलने का इंतजार न करें, बल्कि खुद अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, अगर मुझे कुछ बोलना पड़ा, तो समझ लीजिए कि कहर ढहेगा। अधिकारियों को यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि आम जनता का काम पूरी पारदर्शिता और तत्परता से होना चाहिए। उनका यह बयान उन अधिकारियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो काम में ढिलाई या भ्रष्टाचार को संरक्षण देते रहे हैं।

​पुरानी तल्खी और नई उम्मीदें

​गौरतलब है कि इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी विजय कुमार सिन्हा के पास थी। उनके कार्यकाल के दौरान जब उन्होंने कार्य में अनियमितता को लेकर अधिकारियों पर नकेल कसनी शुरू की थी, तो अधिकारी लामबंद होकर हड़ताल पर चले गए थे। उस समय विभाग में कामकाज ठप होने की नौतबत आ गई थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बदली हुई परिस्थितियों और नए मंत्री के आने के बाद समीकरण बदल चुके हैं। जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि ईमानदारी और धैर्य से काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान होगा, लेकिन आम जनता को परेशान करने वालों की अब खैर नहीं है।

​भू-माफियाओं के लिए ‘नो एंट्री’

​बिहार में भूमि विवाद और भू-माफिया एक बड़ी समस्या रहे हैं। इस पर प्रहार करते हुए मंत्री ने कहा कि अब बिहार में भू-माफियाओं का खेल खत्म हो चुका है। विभाग अब किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण का काम अब और भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि जमीन से जुड़े विवादों का स्थाई समाधान निकाला जा सके।

​आम जनता के हितों की रक्षा सर्वोपरि

​दिलीप जायसवाल ने अपने संबोधन में ‘आम जन’ को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गरीब या आम नागरिक को अपने ही हक की जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए उन्होंने विभाग में एक नई कार्य संस्कृति विकसित करने का संकल्प दोहराया है। अब देखना यह है कि मंत्री के इन सख्त तेवरों का असर जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी दिखाई देता है।