एक मंच… सामने हजारों लोग… और फिर अचानक माइक पर ऐसे शब्द गूंजे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया। मंच पर मौजूद नेताओं और लोगों के बीच कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया, क्योंकि बयान सीधे इतिहास की उन किताबों पर था जिन्हें सालों से पढ़ाया जाता रहा है।

जयंती समारोह के दौरान दिए गए इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कार्यक्रम में मौजूद लोग पहले तालियां बजाते रहे, लेकिन जैसे ही मंत्री ने “किताबें फाड़ देने” वाली बात कही, हर कोई एक-दूसरे की तरफ देखने लगा।
दरअसल, Anil Vij ने Ambala Cantonment में महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि “वो किताबें फाड़ देनी चाहिए, जिनमें अकबर को महान बताया गया है, क्योंकि महान महाराणा प्रताप थे।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी और तालियों से स्वागत किया।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में अनिल विज ने कहा कि देश के इतिहास को सही तरीके से प्रस्तुत करने की जरूरत है। उन्होंने महाराणा प्रताप को राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सही इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए। विज के इस बयान के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

