सोहराब आलम/ मोतिहारी। केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में राज्य का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में इस एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया अब धरातल पर उतरने लगी है। यह न केवल बिहार के लिए बल्कि देश के लिए भी इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना होगा।

​नदी के ऊपर रनवे: इंजीनियरिंग का अनोखा मेल

​इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका रनवे है। रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे नदी के ऊपर बनाया जाएगा, जो इसे भारत के अन्य हवाई अड्डों से अलग और खास बनाएगा। हाल ही में भाजपा सांसद संजय जायसवाल, स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार और विशाल साह ने एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों का जायजा लिया।

​पटना से भी बड़ा होगा रनवे, उतरेंगे बोइंग विमान

​सांसद संजय जायसवाल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि इस एयरपोर्ट का रनवे पटना एयरपोर्ट से भी बड़ा होगा। इसकी लंबाई और क्षमता इतनी होगी कि यहां बड़े बोइंग विमान भी बेहद आसानी से लैंड कर सकेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।

​तेजी से जारी है निर्माण की प्रक्रिया

​प्रशासनिक स्तर पर काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जानकारी के अनुसार:

  • ​एयरपोर्ट के लिए 70% जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है।
  • ​रनवे, टैक्सी-वे और संपूर्ण एयर-साइड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी कर दिया गया है।
  • ​अगले 2 साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ​रक्सौल में इस एयरपोर्ट के बनने से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।