केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और देश में बढ़ रही ऊर्जा की मांग, प्रदूषण नियंत्रण, हाइड्रोजन ट्रेन और पेट्रोल-डीजल के दामों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।

सुमन चौहान,करनाल। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज करनाल का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से एक लंबी और महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस विशेष बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी विभिन्न समस्याओं और विषयों को ध्यानपूर्वक सुना। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं से मिलना और उनके साथ चल रहे समसामयिक विषयों पर चर्चा करना बेहद जरूरी है, इसलिए वे बीच-बीच में करनाल आते रहते हैं। उन्होंने देश की ऊर्जा जरूरतों पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान में सोलर और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। आज के समय में प्रदूषण को कम करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता और जरूरत बन चुकी है।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव

देश में लगातार बढ़ रही बिजली और ऊर्जा की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स के तेजी से बढ़ने के कारण बिजली की खपत बहुत ज्यादा होने वाली है। इस बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए सरकार के साथ-साथ कुछ प्राइवेट कंपनियां भी लगातार रात-दिन काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश में न्यूक्लियर पावर यानी परमाणु ऊर्जा को लेकर भी सरकार की तरफ से तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में बिजली का कोई बड़ा संकट सामने न आ सके और विकास की गति निरंतर बनी रहे।

पेट्रोल और डीजल के दाम

कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के कारण यह परेशानियां सामने आई हैं, जो सभी को अच्छी तरह पता हैं। यह एक चलती हुई ग्लोबल मार्केट है, जिसमें कीमतों के बढ़ने या गिरने का पहले से सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट के माध्यम से जनता को राहत देने के लिए काफी कुछ काम किया है। पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की जहां तक बात है, सरकार वक्त और परिस्थितियों के हिसाब से सही समय पर उचित फैसला लेती है। सब कुछ देखकर ही समय के अनुसार जनता के हित में कदम उठाए जाएंगे।

हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहन नीति

प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में जल्द ही हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन देखने को मिलेगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करने में बड़ी मदद मिलेगी। इसके साथ ही आने वाला समय इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का है। सरकार ईवी गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों को 25 से 30 प्रतिशत तक की भारी छूट (सब्सिडी) दे रही है। गाड़ियों को चार्ज करने के लिए पर्याप्त पावर की व्यवस्था की गई है और जगह-जगह चार्जिंग पॉइंट्स लगाए जा रहे हैं ताकि वाहन चालकों को कोई परेशानी न आए। इससे पेट्रोलियम पर हमारी निर्भरता और उससे होने वाली समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।